सौप्तिक पर्व
उल्लू और कौए – अश्वत्थामा ने रात्रि युद्ध चुना
The Owl and the Crows – Ashwatthama Chooses Night Warfare
गिरे हुए दुर्योधन को छोड़कर अश्वत्थामा, कृप और कृतवर्मा वन में विश्राम करते हैं। कृप और कृतवर्मा सो जाते हैं, पर द्रोण की मृत्यु से क्रुद्ध अश्वत्थामा जागता रहता है।
वह एक उल्लू को सोते हुए कौओं पर हमला कर उन्हें असहाय अवस्था में मारते देखता है। इससे उसे सोए हुए पाण्डव शिविर पर रात में आक्रमण करने की योजना सूझती है।
कृप चेतावनी देते हैं कि सोए शत्रुओं की हत्या क्षात्रधर्म के विरुद्ध है और संयम की सलाह देते हैं। अश्वत्थामा कहता है कि युद्ध ने नियम पहले ही नष्ट कर दिए हैं और अब प्रतिशोध ही उसका उद्देश्य है।
उल्लू उसके भयानक अभियान का प्रतीक बन जाता है। आगे जो होता है वह सामान्य युद्ध नहीं, बल्कि मुख्य युद्ध के बाद की योजनाबद्ध रात्रि हत्या है।