विराट पर्व
अज्ञातवास की योजना – मत्स्य राज्य का चयन
The Incognito Plan – Choosing Matsya
बारह वर्ष का वनवास पूरा हो चुका था, लेकिन एक अंतिम और अत्यंत कठिन शर्त अभी शेष थी। पाण्डवों को पूरा एक वर्ष बिना पहचाने रहना था; अवधि पूरी होने से पहले पहचान हो जाती तो पूरा वनवास फिर से आरम्भ करना पड़ता।
उन्होंने कई राज्यों पर विचार किया और अंततः मत्स्यराज विराट के राज्य को चुना। वह समृद्ध था और राजनीतिक दृष्टि से छिपकर रहने के लिए उपयुक्त था।
अब प्रत्येक पाण्डव को ऐसा रूप और कार्य चुनना था जो विश्वप्रसिद्ध योद्धाओं की वास्तविक पहचान छिपा सके। युद्ध से अधिक कठिन परीक्षा आत्मसंयम और स्वभाव को नियंत्रित करना थी।
द्रौपदी को भी नए नाम और नई भूमिका में सेवा करनी थी। परिवार ने अनावश्यक सार्वजनिक संपर्क से बचने और एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने का निश्चय किया।
इस प्रकार अज्ञातवास केवल छिपने का वर्ष नहीं, बल्कि वर्षों के खुले संघर्ष के बाद अनुशासन और सावधानी की महान परीक्षा बन गया।